ਝੂਮਰ, ਦੇਸ਼ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ! Jhoomar, Country of Punjab !Rangla Bangla Fazilka
झूमर दक्षिण पंजाब का मशहूर लोक नाच है। भारत विभाजन हुआ तो सांदल बार के इलाके में रहने वाले अधिकांश लोग फाजिल्का और जलालाबाद के इलाके में आकर बस गए। जहां उन्होंने लोक नाच झूमर की शान को बरकरार रखा और देश विदेश में इसे प्रसिद्ध किया। दरअसल विभाजन से पूर्व झूमर में पोखर सिंह और जम्मू राम का नाम काबिले तारीफ रहा है। विभाजन के बाद जम्मू राम गांव नूरशाह में आकर बस गए, जबकि पोखर सिंह गांव झोटियां वाली में आकर रहने लगे। यहां उन्होंने चिराग ढ़ाणी बसाई। पोखर सिंह का जन्म 15 अगस्त 1914 को मिन्टगुमरी जिला के गांव तूतवाली जिला मिंटगुमरी (पाकिस्तान) में स. पंजाब सिंह के घर माता केसां बाई की कोख से हुआ। पोखर सिंह के छह भाई थे तो सबसे बड़ा लछमण सिंह पंजाब विधान सभा के सदस्य भी रहे। आप बचपन से कुश्ती और मुदगर उठाने के साथ-साथ आप झूमर के बहुत शौकीन थे। आपकी शादी संतो बाई से हुई और आपके घर चार बेटे व पांच बेटियों ने जन्म लिया। बाबा पोखर ङ्क्षसह की मौत के बाद उनके बेटे कुलवंत सिंह लोक नाच झूमर के जरिए इलाके की शान बनाए हुए हैं। फाजिल्का में आने के बाद भी उन्होंने झूमर लोक नाच को प्रसिद्ध किया।...